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New Education system 2020 in Hindi

New Education system 2020 in Hindi

2020 की नयी शिक्षा प्रणाली

भारत की New Education system का उद्देश्य भारतीय संस्कृति के साथ विश्व स्तरीय शिक्षा प्रणाली का निर्माण करना है. 

New Education system 2020 व्यापक, समग्र, दूरदर्शी है और निश्चित रूप से राष्ट्र के भविष्य के विकास में एक महान भूमिका निभाएगी।

2016 की टीएसआर सुब्रमण्यम समिति और के कस्तूरीरंगन समिति की देख रेख मैं यह अहम् बदलाव हमारे देश में लाया गया हैं. 

 

यह बदलाव अकादमिक से लेकर अकादमिक प्लस वोकेशनल तक है.

दशकों पुरानी शिक्षा प्रणाली में लाये गए इस बदलाव के कारन एक छात्र को एक ज़िम्मेदार नागरिक बनाने की क्षमता नज़र आ रही है.

 

सबसे बड़ा परिवर्तन है मौजूदा 10 + 2 मॉडल की स्कूल प्रणाली में संरचनात्मक सुधार लाना. स्कूली शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम

और शैक्षणिक संरचना अब 5 + 3 + 3 + 4 डिजाइन द्वारा निर्देशित होगी तो, इसका क्या मतलब है और यह छात्रों को कैसे प्रभावित करेगा?

द फाउंडेशनल स्टेज of New Education system 2020

3-8 वर्ष की आयु के बीच के छात्र फाउंडशनल स्टेज का हिस्सा होंगे.

इस स्टेज को दो प्रभागों में वर्जित किया गया है:

पहले 3 साल प्रीस्कूल और दो साल कक्षा 1 और 2 इस चरण में खेल / गतिविधि-आधारित शिक्षा शामिल है.

यह अच्छे व्यवहार, व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता / स्वच्छता, टीमवर्क और सहयोग सीखने के अभ्यास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा.

प्रारंभिक चरण of New Education system 2020

ग्रेड 3 से 5 में 8-11 वर्ष की आयु में अध्ययन का प्रारंभ होगा

जिसमे छात्र समूह में शिक्षा लेंगे. प्रारंभिक चरण कुछ नए विषयों की

शुरूआत के साथ धीरे-धीरे खेल से-आधारित शिक्षा से अधिक औपचारिक 

लेकिन इंटरैक्टिव कक्षा सीखने के लिए होगा. पढ़ने, लिखने,

बोलने, शारीरिक शिक्षा, कला, भाषा, विज्ञान और गणित जैसे विषयों पर जोर दिया जाएगा.

मध्य चरण of New Education system 2020

कक्षा 6 से 8 के बीच शिक्षा के दायरे व्यापक होंगे विज्ञान, गणित, कला, सामाजिक विज्ञान, और मानवता

जैसे विषयों में अधिक अमूर्त अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा.

माध्यमिक चरण of New Education system 2020

अंतिम चरण 14-18 वर्ष कीआयु के छात्रों के के लिए है.

इस चरण में दो उप-चरण होंगे: पहले चरण में कक्षा  9 और 10 और दूसरे में कक्षा 11 और 12 शामिल हैं.

 

 इस चरण में चार साल के बहु-विषयक अध्ययन शामिल होंगे,

जिसमें अधिक गहराई, अधिक महत्वपूर्ण सोच, जीवन आकांक्षाओं पर अधिक ध्यान होगा.

इस चरण में छात्रोंको अपनी पसंद का अभ्याक्रम चुनने का अवसर भी मिलेगा.

 

इसके आलावा और भी कई महत्वपूर्ण बदल किये गए है.

 

  • रोबोटिक्स और एआई (Robotics and AI) आधुनिक दुनिया की, शायद नई भाषा हैं. कम उम्र में अगर बच्चे  कोडिंग सीखना शुरू करे तो भविष्य की पीढ़ियों को इनोवेटिव (innovative) 
  • और रचनात्मकता की एक नई दुनिया का नेतृत्व करने में मदद होगी.
  • इसीलिए कक्षा 6 से कोडिंग का अभ्यासक्रम शुरू करने का प्रस्ताव मंजूर हूआ हैं.

 

  • कम से कम कक्षा 5 या ज्यादा से ज्यादा कक्षा 8  या फिर उसके आगे भी जैसी जरुरत हो वैसे शिक्षा का माध्यम, मातृभाषा / स्थानीय भाषा / क्षेत्रीय भाषा होगी. 
  • कई संशोधन से यह पता चला हैं की जो शिक्षा अपनी मातृभाषा में ली जाती है वो ज्यादा प्रभावी होती है.

 

  • कक्षा 10 वी  और 12 वी  के लिए बोर्ड परीक्षा जारी रखी जाएगी,
  • लेकिन इन्हे फिर से डिजाइन किया जाएगा. समग्र विकास; और मुलभुत क्षमताओं /
  • दक्षताओं के परीक्षण द्वारा परीक्षाएं ‘आसान’ भी बनायी जाएगी। 
  • सभी 3, 5 और 8 कक्षा के छात्र स्कूल में ही परीक्षा देंगे, परीक्षा उचित प्राधिकारी द्वारा आयोजित की जाएगी. 

 

  • अंडरग्रेजुएट की डिग्री या तो 3 या 4 साल की होगी,
  • इस अवधि के कई विकल्प उपलब्ध होंगे, छात्र ने चुनी हुई डिग्री का कोर्स १ साल बाद बदल भी सकते हैं 
  • उपयुक्त प्रमाण पत्र के साथ – एक साल के प्रमाण पत्र के बाद क्षेत्र बदल सकते हैं, या 2 साल के अध्ययन के बाद डिप्लोमा,
  • या 3 साल के कार्यक्रम के बाद पदवी परीक्षा दे सकते हैं. 

 

  • पदवी और पदवीउत्तर शिक्षा के साथ-साथ 5 साल के पाठ्यक्रम भी होंगे। सरकार ने एम फिल को बंद करने की भी घोषणा की है

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